चुनाव के दौरान प्रचार पर चुनाव आयोग के कई नियम लागू होते हैं। इनकी जानकारी न होना बाद में परेशानी का कारण बन सकता है।
ध्यान रखने योग्य बातें
- प्री-सर्टिफ़िकेशन: टीवी, रेडियो और सोशल मीडिया पर राजनीतिक विज्ञापन से पहले ज़िला या राज्य स्तर की MCMC समिति से प्रमाणन आवश्यक होता है।
- ख़र्च का हिसाब: विज्ञापन और प्रचार का ख़र्च चुनाव ख़र्च में जुड़ता है — हर बिल संभालकर रखें।
- प्लेटफ़ॉर्म की शर्तें: Meta जैसे प्लेटफ़ॉर्म पर राजनीतिक विज्ञापन के लिए पहचान सत्यापन और “भुगतानकर्ता” की जानकारी देनी होती है।
- AI कंटेंट: AI से बने वीडियो या तस्वीरों पर स्पष्ट लेबल लगाएं और किसी की नक़ली आवाज़ या चेहरा (डीपफ़ेक) न बनाएं।
नियम समय-समय पर बदलते हैं, इसलिए अभियान शुरू करने से पहले अपने ज़िला निर्वाचन कार्यालय से ताज़ा दिशा-निर्देश अवश्य जाँच लें।
