
चुनाव में भरोसा आमने-सामने की मुलाक़ात से बनता है। हम आपके क्षेत्र को हिस्सों में बाँटकर हर बूथ नक़्शे पर लाते हैं, और गाँव के भरोसेमंद लोगों को ट्रेनिंग देकर टीम बनाते हैं — हर बूथ पर एक इंचार्ज और एक बैकअप।
हफ़्ते के प्लान से टीम घर-घर जाती है, चाय पे चर्चा, नुक्कड़ सभा और पदयात्रा करती है। हर मुलाक़ात फ़ोटो, समय और जगह के साथ दर्ज होती है, अलग टीम फ़ोन से जाँचती है। हर हफ़्ते इलाक़े के असली मुद्दे आप तक पहुँचते हैं।
जिस गाँव में आपकी टीम नहीं पहुँची, वहाँ विरोधी पहले पहुँच जाता है; और वोटिंग के दिन ख़ाली बूथ का फ़ायदा भी उसी को।
हर बूथ पर ट्रेनिंग पाया इंचार्ज और एक बैकअप — वोटिंग के दिन तक तैयार।
अपने गाँव के लोग, ट्रेनिंग और आचार संहिता पर दस्तख़त के बाद ही मैदान में।
हफ़्ते के प्लान से घर-घर संपर्क, चाय पे चर्चा, नुक्कड़ सभा और पदयात्रा।
फ़ोटो, समय और जगह के साथ दर्ज; अलग टीम फ़ोन करके जाँचती है।
हर हफ़्ते लोगों की असली परेशानियाँ — ताकि पता रहे क्या बोलना, कहाँ जाना, किससे मिलना।
स्थानीय, धार्मिक, सामाजिक, महिला और युवा प्रमुखों से इज़्ज़त से मुलाक़ात; हर माँग पर जवाब।
आपके नाम से दिया गया बयान, आपकी आवाज़ वाली स्क्रिप्ट और हर संवेदनशील बात आपकी मंज़ूरी से। रोज़ का बाक़ी काम टीम और अलग क्वालिटी जाँच के बाद — मंज़ूरी नहीं, तो पोस्ट नहीं।
पूरा क्षेत्र हिस्सों में; हर बूथ नक़्शे पर, अहम बूथ पहले।
तैयारी मेंगाँव के भरोसेमंद लोग; ट्रेनिंग, टेस्ट और आचार संहिता पर दस्तख़त।
तैयारी से लगातारहर शुक्रवार अगले हफ़्ते का प्लान — आपके दौरों से बिना टकराव।
हर शुक्रवारपहले सुनना; हर मुलाक़ात दर्ज, अलग टीम फ़ोन से जाँचती है।
रोज़हर हफ़्ते मुद्दों की रिपोर्ट आपको; पर्चे और बयान आपकी मंज़ूरी से।
हर हफ़्तेबूथ की टीम से लेकर वोटिंग के दिन तक — ज़मीन का हर काम एक ही योजना में, आपके दौरों से बिना टकराव।
हर बूथ पर ट्रेनिंग पाया इंचार्ज, साथ में एक बैकअप।
अपने ही गाँव के भरोसेमंद लोग — ट्रेनिंग, टेस्ट, आचार संहिता।
पहले लोगों की बात सुनना; हर मुलाक़ात दर्ज, अलग टीम से जाँच।
चाय पे चर्चा, गली-चौराहे पर नुक्कड़ सभा, और इलाक़े में पदयात्रा।
हर इलाक़े में लोग किस बात से परेशान हैं — आपके पास।
आपके साथ तय सूची से, इज़्ज़त के साथ; हर माँग पर जवाब।
आपकी मंज़ूरी, छपाई से पहले जाँच, और बूथ-वार बँटाई का हिसाब।
सिर्फ़ खुले में दिखी-सुनी बातें; जासूसी या पीछा कभी नहीं।
इंचार्ज आख़िर तक बूथ पर; हर ख़बर तुरंत कंट्रोल रूम तक।
मोबाइल से पहचान बनती है, पर भरोसा आमने-सामने बनता है। हर गाँव तक योजना के साथ पहुँच।
कार्यकर्ता घर-घर जाकर आपका परिचय देते हैं — पर पहले लोगों की बात सुनते हैं।
चाय पे चर्चा और गली-चौराहे पर नुक्कड़ सभा — लोगों के मुद्दों पर सीधी बात।
हर शुक्रवार अगले हफ़्ते का प्लान: कहाँ घर-घर, कहाँ नुक्कड़ सभा, आपके दौरों से बिना टकराव।
हर मुलाक़ात उसी दिन दर्ज: फ़ोटो, समय, जगह। फिर अलग टीम फ़ोन से जाँचती है।
बिखरे हुए कार्यकर्ता ताक़त नहीं, बोझ बन जाते हैं। सही ढाँचे और रोज़ के काम से वही आपकी सबसे बड़ी ताक़त बनते हैं।
हर गाँव और बूथ से भरोसेमंद लोग चुनकर टीम में जोड़ते हैं।
ट्रेनिंग और टेस्ट के बाद आचार संहिता पर दस्तख़त — तभी मैदान में।
रोज़ गाँव में मुलाक़ातें; माँग नोट करते हैं, पर आपकी तरफ़ से कोई वादा नहीं।
कौन-सा बूथ आगे, कौन पीछे — और पीछे वाले बूथ पर मदद।
चुनाव आयोग, प्लेटफ़ॉर्म और क़ानून के नियम — इनसे बाहर हम कुछ नहीं करते।
वोट के बदले पैसा, तोहफ़ा, शराब या नौकरी — कभी नहीं। किसी को डराना या दबाव भी नहीं।
हर जाति, धर्म, पार्टी से इज़्ज़त से बात। किसी समाज या विरोधी के परिवार पर बुरा नहीं बोलते।
जानकारी सिर्फ़ अभियान के काम में। फ़ोन नंबर तभी, जब व्यक्ति ख़ुद दे; चेहरे की फ़ोटो सहमति से।
इस सेवा का छोटा वीडियो — हमारी टीम असल में काम कैसे करती है। वीडियो WhatsApp पर भी मँगवा सकते हैं।
ज़मीनी प्रचार से जुड़े आम सवाल। आपका सवाल अलग है? सीधे WhatsApp पर पूछें।
ज़मीनी काम सोशल मीडिया से धीमा है, पर असली वोट इसी से बनते हैं। आमने-सामने की मुलाक़ात से सच्चा रिश्ता बनता है, और गाँव की असली ख़बर भी मिलती है।
हर मुलाक़ात फ़ोटो, समय और जगह के साथ उसी दिन दर्ज होती है। फिर अलग टीम कुछ लोगों को फ़ोन करके पूछती है कि मुलाक़ात सच में हुई। वोट किसे देंगे, यह कभी नहीं पूछते।
नहीं। वादा सिर्फ़ आप करेंगे। कार्यकर्ता लोगों की माँग सुनकर नोट करते हैं और आपकी टीम तक पहुँचाते हैं।
बिल्कुल नहीं। वोट के बदले पैसा, तोहफ़ा, शराब या नौकरी का वादा ग़ैरक़ानूनी है, इससे उम्मीदवारी रद्द हो सकती है। हर कार्यकर्ता इस नियम पर दस्तख़त करता है।
हर बूथ का ट्रेनिंग पाया इंचार्ज वोटिंग ख़त्म होने तक बूथ पर रहता है, ज़रूरत पड़े तो बैकअप तैयार। वोटिंग की ख़बर, गड़बड़ी या अफ़वाह तुरंत कंट्रोल रूम तक।
फ़ॉर्म भरें — हमारी टीम आपकी सीट समझकर WhatsApp पर संपर्क करेगी। पहली बातचीत और सीट विश्लेषण मुफ़्त है।
चेतक PR कंसल्टेंसी — उत्तर प्रदेश के विधानसभा और ज़िला पंचायत प्रत्याशियों के लिए चुनावी रणनीति, प्रचार और पॉलिटिकल PR। हर बूथ तक, आपकी जीत तक।
चुनाव की तैयारी पर बात करनी है? WhatsApp करें — हमारी टीम सुबह 9 से रात 8 बजे के बीच 1–2 घंटे में जवाब देती है।
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