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Ground PR

गाँव-गाँव भरोसेमंद टीम, हर बूथ पर तैयारी

सेवा • ज़मीनी प्रचार

जहाँ आप बार-बार नहीं पहुँच पाते, वहाँ आपकी ट्रेनिंग पाई स्थानीय टीम पहुँचती है।

चुनाव में भरोसा आमने-सामने की मुलाक़ात से बनता है। हम आपके क्षेत्र को हिस्सों में बाँटकर हर बूथ नक़्शे पर लाते हैं, और गाँव के भरोसेमंद लोगों को ट्रेनिंग देकर टीम बनाते हैं — हर बूथ पर एक इंचार्ज और एक बैकअप।

हफ़्ते के प्लान से टीम घर-घर जाती है, चाय पे चर्चा, नुक्कड़ सभा और पदयात्रा करती है। हर मुलाक़ात फ़ोटो, समय और जगह के साथ दर्ज होती है, अलग टीम फ़ोन से जाँचती है। हर हफ़्ते इलाक़े के असली मुद्दे आप तक पहुँचते हैं।

घर-घर जाकर परिवार से बात करता कार्यकर्ता
क्यों ज़रूरी है

क्या आपके साथ भी यही हो रहा है?

“

इतने गाँव हैं कि हर जगह बार-बार ख़ुद नहीं पहुँच पाता।

“

कार्यकर्ता कहते हैं “काम हो गया”, पर पता नहीं सच में घर-घर गए या नहीं।

“

डर है कि वोटिंग के दिन कई बूथ ख़ाली रहेंगे और वहाँ विरोधी भारी पड़ेगा।

⚠ यह न किया तो?

जिस गाँव में आपकी टीम नहीं पहुँची, वहाँ विरोधी पहले पहुँच जाता है; और वोटिंग के दिन ख़ाली बूथ का फ़ायदा भी उसी को।

आपको क्या मिलेगा

इस सेवा में आपको यह सब मिलता है

बूथ इंचार्ज और बैकअप

हर बूथ पर ट्रेनिंग पाया इंचार्ज और एक बैकअप — वोटिंग के दिन तक तैयार।

गाँव के भरोसेमंद कार्यकर्ता

अपने गाँव के लोग, ट्रेनिंग और आचार संहिता पर दस्तख़त के बाद ही मैदान में।

आमने-सामने मुलाक़ात

हफ़्ते के प्लान से घर-घर संपर्क, चाय पे चर्चा, नुक्कड़ सभा और पदयात्रा।

हर मुलाक़ात का सबूत

फ़ोटो, समय और जगह के साथ दर्ज; अलग टीम फ़ोन करके जाँचती है।

इलाक़े के मुद्दों की रिपोर्ट

हर हफ़्ते लोगों की असली परेशानियाँ — ताकि पता रहे क्या बोलना, कहाँ जाना, किससे मिलना।

समाज प्रमुखों से बैठक

स्थानीय, धार्मिक, सामाजिक, महिला और युवा प्रमुखों से इज़्ज़त से मुलाक़ात; हर माँग पर जवाब।

काम कैसे होता है

क़दम-दर-क़दम — आसान भाषा में

आपके नाम से दिया गया बयान, आपकी आवाज़ वाली स्क्रिप्ट और हर संवेदनशील बात आपकी मंज़ूरी से। रोज़ का बाक़ी काम टीम और अलग क्वालिटी जाँच के बाद — मंज़ूरी नहीं, तो पोस्ट नहीं।

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    क्षेत्र का बँटवारा

    पूरा क्षेत्र हिस्सों में; हर बूथ नक़्शे पर, अहम बूथ पहले।

    तैयारी में
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    कार्यकर्ता और ट्रेनिंग

    गाँव के भरोसेमंद लोग; ट्रेनिंग, टेस्ट और आचार संहिता पर दस्तख़त।

    तैयारी से लगातार
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    हफ़्ते का प्लान

    हर शुक्रवार अगले हफ़्ते का प्लान — आपके दौरों से बिना टकराव।

    हर शुक्रवार
  4. 4

    गाँव-गाँव मुलाक़ात

    पहले सुनना; हर मुलाक़ात दर्ज, अलग टीम फ़ोन से जाँचती है।

    रोज़
  5. 5

    रिपोर्ट और आपकी मंज़ूरी

    हर हफ़्ते मुद्दों की रिपोर्ट आपको; पर्चे और बयान आपकी मंज़ूरी से।

    हर हफ़्ते
पूरा दायरा

ज़मीन पर ये सब काम शामिल हैं

बूथ की टीम से लेकर वोटिंग के दिन तक — ज़मीन का हर काम एक ही योजना में, आपके दौरों से बिना टकराव।

  • बूथ इंचार्ज नेटवर्क

    हर बूथ पर ट्रेनिंग पाया इंचार्ज, साथ में एक बैकअप।

  • गाँव के कार्यकर्ता

    अपने ही गाँव के भरोसेमंद लोग — ट्रेनिंग, टेस्ट, आचार संहिता।

  • घर-घर और फ़ोन संपर्क

    पहले लोगों की बात सुनना; हर मुलाक़ात दर्ज, अलग टीम से जाँच।

  • छोटी बैठकें और पदयात्रा

    चाय पे चर्चा, गली-चौराहे पर नुक्कड़ सभा, और इलाक़े में पदयात्रा।

  • मुद्दों की हफ़्तेवार रिपोर्ट

    हर इलाक़े में लोग किस बात से परेशान हैं — आपके पास।

  • समाज प्रमुखों से बैठक

    आपके साथ तय सूची से, इज़्ज़त के साथ; हर माँग पर जवाब।

  • पर्चे और बँटाई

    आपकी मंज़ूरी, छपाई से पहले जाँच, और बूथ-वार बँटाई का हिसाब।

  • विरोधी पर क़ानूनी नज़र

    सिर्फ़ खुले में दिखी-सुनी बातें; जासूसी या पीछा कभी नहीं।

  • वोटिंग के दिन

    इंचार्ज आख़िर तक बूथ पर; हर ख़बर तुरंत कंट्रोल रूम तक।

ज़मीन पर काम

ज़मीन पर काम — गाँव-गाँव ऐसे

मोबाइल से पहचान बनती है, पर भरोसा आमने-सामने बनता है। हर गाँव तक योजना के साथ पहुँच।

उँगली से बाएँ सरकाएँ — अगला क़दम देखें →
घर-घर जाकर परिवार से बात करता कार्यकर्ता
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घर-घर संपर्क

कार्यकर्ता घर-घर जाकर आपका परिचय देते हैं — पर पहले लोगों की बात सुनते हैं।

गाँव की चौपाल में लोगों से बात करते प्रत्याशी
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चाय पे चर्चा, नुक्कड़ सभा

चाय पे चर्चा और गली-चौराहे पर नुक्कड़ सभा — लोगों के मुद्दों पर सीधी बात।

बूथ कमेटी की बैठक में मतदाता सूची पर काम
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हर हफ़्ते का प्लान

हर शुक्रवार अगले हफ़्ते का प्लान: कहाँ घर-घर, कहाँ नुक्कड़ सभा, आपके दौरों से बिना टकराव।

कार्यकर्ता के फ़ोन पर रोज़ के काम की सूची
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हर मुलाक़ात दर्ज

हर मुलाक़ात उसी दिन दर्ज: फ़ोटो, समय, जगह। फिर अलग टीम फ़ोन से जाँचती है।

कार्यकर्ता

कार्यकर्ता और वॉलंटियर — ऐसे जुड़ते और काम करते हैं

बिखरे हुए कार्यकर्ता ताक़त नहीं, बोझ बन जाते हैं। सही ढाँचे और रोज़ के काम से वही आपकी सबसे बड़ी ताक़त बनते हैं।

उँगली से बाएँ सरकाएँ — अगला क़दम देखें →
मोबाइल पर ग्रुप से जुड़ने की अनुमति का संदेश
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हर गाँव से भरोसेमंद लोग

हर गाँव और बूथ से भरोसेमंद लोग चुनकर टीम में जोड़ते हैं।

कार्यकर्ताओं की ट्रेनिंग
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ट्रेनिंग

ट्रेनिंग और टेस्ट के बाद आचार संहिता पर दस्तख़त — तभी मैदान में।

गाँव की गलियों में जनसंपर्क करते प्रत्याशी, साथ में वीडियो टीम
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रोज़ का काम

रोज़ गाँव में मुलाक़ातें; माँग नोट करते हैं, पर आपकी तरफ़ से कोई वादा नहीं।

प्रत्याशी को साप्ताहिक रिपोर्ट देती चेतक टीम
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हर हफ़्ते समीक्षा

कौन-सा बूथ आगे, कौन पीछे — और पीछे वाले बूथ पर मदद।

साथ मिलकर

काम कैसे चलेगा — आपकी तरफ़ से और हमारी तरफ़ से

काम की रफ़्तार

आपसे क्या चाहिए

आपको क्या दिखेगा

नियम और भरोसा

हर काम नियम के अंदर

चुनाव आयोग, प्लेटफ़ॉर्म और क़ानून के नियम — इनसे बाहर हम कुछ नहीं करते।

न लालच, न दबाव

वोट के बदले पैसा, तोहफ़ा, शराब या नौकरी — कभी नहीं। किसी को डराना या दबाव भी नहीं।

हर किसी से इज़्ज़त

हर जाति, धर्म, पार्टी से इज़्ज़त से बात। किसी समाज या विरोधी के परिवार पर बुरा नहीं बोलते।

लोगों की जानकारी सुरक्षित

जानकारी सिर्फ़ अभियान के काम में। फ़ोन नंबर तभी, जब व्यक्ति ख़ुद दे; चेहरे की फ़ोटो सहमति से।

वीडियो

Ground PR — 1 मिनट में समझिए

इस सेवा का छोटा वीडियो — हमारी टीम असल में काम कैसे करती है। वीडियो WhatsApp पर भी मँगवा सकते हैं।

सवाल-जवाब

सवाल-जवाब

ज़मीनी प्रचार से जुड़े आम सवाल। आपका सवाल अलग है? सीधे WhatsApp पर पूछें।

ज़मीनी काम सोशल मीडिया से धीमा है, पर असली वोट इसी से बनते हैं। आमने-सामने की मुलाक़ात से सच्चा रिश्ता बनता है, और गाँव की असली ख़बर भी मिलती है।

हर मुलाक़ात फ़ोटो, समय और जगह के साथ उसी दिन दर्ज होती है। फिर अलग टीम कुछ लोगों को फ़ोन करके पूछती है कि मुलाक़ात सच में हुई। वोट किसे देंगे, यह कभी नहीं पूछते।

नहीं। वादा सिर्फ़ आप करेंगे। कार्यकर्ता लोगों की माँग सुनकर नोट करते हैं और आपकी टीम तक पहुँचाते हैं।

बिल्कुल नहीं। वोट के बदले पैसा, तोहफ़ा, शराब या नौकरी का वादा ग़ैरक़ानूनी है, इससे उम्मीदवारी रद्द हो सकती है। हर कार्यकर्ता इस नियम पर दस्तख़त करता है।

हर बूथ का ट्रेनिंग पाया इंचार्ज वोटिंग ख़त्म होने तक बूथ पर रहता है, ज़रूरत पड़े तो बैकअप तैयार। वोटिंग की ख़बर, गड़बड़ी या अफ़वाह तुरंत कंट्रोल रूम तक।

शुरुआत करें

ज़मीनी प्रचार — अपनी सीट के लिए बात करें

फ़ॉर्म भरें — हमारी टीम आपकी सीट समझकर WhatsApp पर संपर्क करेगी। पहली बातचीत और सीट विश्लेषण मुफ़्त है।

अपनी जानकारी भेजें

गोपनीय: आपकी जानकारी किसी से साझा नहीं होगी। बटन दबाते ही WhatsApp खुलेगा — बस “Send” दबाएँ।