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पंचायत प्रत्याशियों के लिए

ज़िला पंचायत, BDC या प्रधान — कम बजट में गाँव-गाँव तक पहचान।

पंचायत प्रत्याशियों के लिए

ज़िला पंचायत, BDC या प्रधान — गाँव-गाँव तक आपकी पहचान

पंचायत चुनाव में क्षेत्र छोटा पर संपर्क गहरा होता है। तय पैक, तय काम — ताकि बजट में रहकर हर गाँव तक पहुँचें।

गाँव की महिलाओं से बात करतीं ज़िला पंचायत प्रत्याशी
आपकी चुनौतियाँ

क्या आप भी यही सोचते हैं?

“

बजट कम है और गाँव बहुत सारे।

“

सीट का आरक्षण देर से घोषित होता है — तैयारी का समय कम।

“

सबसे ज़्यादा ज़रूरत पोस्टर और WhatsApp की है।

⚠ यह न किया तो?

आरक्षण घोषित होते ही दौड़ शुरू होती है — जिसकी तैयारी पहले से हो, वही सबसे आगे निकलता है।

हम क्या करेंगे

तय पैक, तय काम

रणनीति आपकी लिखित मंज़ूरी से, हर हफ़्ते की रिपोर्ट के साथ।

बेसिक पैक

पहचान की नींव

पोस्टर, WhatsApp कंटेंट और परिचय वीडियो।

स्टैंडर्ड पैक

गाँव-गाँव संपर्क

बेसिक + डोर-टू-डोर टीम और नुक्कड़ सभा।

पूरा पैक

पूरी तैयारी

स्टैंडर्ड + सर्वे और मतदान दिवस की बूथ तैयारी।

सीट घोषित होते ही

तुरंत शुरुआत

आरक्षण तय होते ही 48 घंटे में काम शुरू।

WhatsApp

WhatsApp से हर घर तक आपकी बात — ऐसे

न कोई ऐप सीखना, न कोई झंझट। आपके कार्यकर्ता गाँव-गाँव के लोगों को जोड़ते हैं और रोज़ आपकी बात उन तक पहुँचती है।

उँगली से बाएँ सरकाएँ — अगला क़दम देखें →
मोबाइल पर ग्रुप से जुड़ने की अनुमति का संदेश
1

पूछकर जोड़ना

बूथ के कार्यकर्ता गाँव के लोगों से पूछकर उन्हें समर्थक ग्रुप में जोड़ते हैं।

बूथ के WhatsApp ग्रुप में प्रत्याशी का वीडियो
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हर बूथ का ग्रुप

हर बूथ का अपना ग्रुप — सभा की ख़बर, वीडियो और काम की जानकारी।

खेत में ट्रैक्टर पर बैठे किसान के फ़ोन पर प्रत्याशी का चैनल
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आपका अपना चैनल

आपके नाम का WhatsApp चैनल — जुड़ने वाला हर व्यक्ति रोज़ आपकी बात देखता है।

अच्छा वीडियो आगे भेजते हुए
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लोग आगे भेजते हैं

अच्छा वीडियो लोग ख़ुद परिवार और गाँव के ग्रुप में भेजते हैं — बिना किसी ख़र्च के।

✔ नियम के अनुसार

सिर्फ़ सहमति वाले नंबर। अनजान नंबरों पर ऑटोमैटिक बल्क मैसेज नहीं — इससे नंबर बंद हो जाते हैं।

आपको क्या मिलेगा

काम, जो आप गिन सकें

सवाल-जवाब

सवाल-जवाब

ख़बरों के मुताबिक़ UP में पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव के बाद होने की संभावना है। सीट और आरक्षण घोषित होते ही काम शुरू करने के लिए पहले से बात कर लेना अच्छा है।

पैक की क़ीमत गाँवों की संख्या और काम के हिसाब से तय होती है। बातचीत के बाद लिखित प्रस्ताव मिलता है।

हाँ। ज़िला पंचायत सदस्य, BDC और प्रधान — तीनों के लिए अलग पैक।

मुफ़्त सीट विश्लेषण

अपनी सीट का मुफ़्त विश्लेषण पाएँ

फ़ॉर्म भरें — 48 घंटे के अंदर आपकी सीट की एक छोटी रिपोर्ट WhatsApp पर मिलेगी। कोई शुल्क नहीं, कोई बाध्यता नहीं।

अपनी जानकारी भेजें

गोपनीय: आपकी जानकारी किसी से साझा नहीं होगी। बटन दबाते ही WhatsApp खुलेगा — बस “Send” दबाएँ।