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How We Work

पहले पक्की तैयारी, फिर बिना रुके प्रचार

हमारा तरीका

हर अभियान 8 तय चरणों में चलता है

पहले 15 दिन ज़मीनी जाँच, रणनीति और तैयारी होती है; तब तक कुछ भी पब्लिक नहीं। Day 16 से सारी सेवाएँ तय रूटीन पर चलती हैं। हर चरण के अंत में जाँच होती है, जैसे नींव जाँचकर ही दीवार उठती है।

आपका एक ही संपर्क: प्रोजेक्ट हेड। रणनीति पर आपकी लिखित मंज़ूरी ज़रूरी है। आपकी ओर से बयान, आपके चेहरे या आवाज़ वाली चीज़ें और जोखिम वाला काम आपकी हाँ से। रोज़ की पोस्ट, जैसे त्योहार की बधाई, टीम और क्वालिटी जाँच से पास होती है।

चेतक वार रूम — सोशल मीडिया और फ़ील्ड पर नज़र
पूरा सफ़र

पहले दिन से चुनाव के बाद तक: 8 चरण

Day 1 यानी जिस दिन ज़रूरी लॉगिन और काग़ज़ हमें मिलें। E-day यानी मतदान का दिन। E-30 यानी मतदान से 30 दिन पहले; E+14 यानी 14 दिन बाद।

तैयारी: पहले 15 दिनप्रचार और वोटर जुटानामतदान का दिनचुनाव के बाद
  1. 0
    Day 1–2

    तालमेल

    Align

    पहली बैठक: क्या करेंगे, क्या कभी नहीं, मंज़ूरी कौन देगा।

  2. 1
    Day 2–12

    ज़मीनी जाँच

    Diagnose

    बूथ-वार पुराने नतीजे, सर्वे, मुद्दे, विरोधी और मीडिया की जाँच।

  3. 2
    Day 8–14

    रणनीति

    Design

    जाँच से लिखित रणनीति: संदेश, वोटर समूह, कैलेंडर, बजट, जोखिम।

  4. 3
    Day 3–15

    तैयारी

    Build

    पेज, विज्ञापन खाता, SMS रजिस्ट्रेशन, डैशबोर्ड, मंज़ूर पोस्ट, पूरा अभ्यास।

  5. 4
    Day 16 → E-30

    प्रचार चालू

    Run

    Day 16 लॉन्च, फिर हर सेवा तय रूटीन पर।

  6. 5
    E-30 → E-2

    वोटर जुटाना

    Mobilise

    हर बूथ पर ट्रेनिंग पाया प्रभारी; समर्थकों से घर-घर संपर्क।

  7. 6
    E-2 → E-day

    मतदान दिवस

    Election Day

    आख़िरी 48 घंटे प्रचार बंद; मतदान के दिन कंट्रोल रूम।

  8. 7
    E+1 → E+14

    पूरा हिसाब

    Learn

    बूथ-वार अनुमान बनाम असली नतीजा; क्या चला, क्या नहीं, क्यों।

हर पड़ाव

हर पड़ाव में क्या होता है

हर पड़ाव के अंत में जाँच — काम पक्का हो, तभी अगला क़दम।

0
Day 1–2

तालमेल Align

पहली बैठक: क्या करेंगे, क्या कभी नहीं, मंज़ूरी कौन देगा।

आप: लॉगिन-काग़ज़ दें, दस्तख़त करें, मंज़ूरी देने वाला और बैकअप चुनें।
आपको मिलेगा: उसी दिन लिखित सार, 15 दिन का प्लान, लक्ष्मण रेखा सूची।
1
Day 2–12

ज़मीनी जाँच Diagnose

बूथ-वार पुराने नतीजे, सर्वे, मुद्दे, विरोधी और मीडिया की जाँच।

आप: अपने लोगों को बताएँ कि हमारी टीम आएगी; अपना पुराना डेटा दें।
आपको मिलेगा: Day 12 तक असली हालत की रिपोर्ट: बूथ नक़्शा, मुद्दे, विरोधी।
2
Day 8–14

रणनीति Design

जाँच से लिखित रणनीति: संदेश, वोटर समूह, कैलेंडर, बजट, जोखिम।

आप: Day 12 बैठक में सुझाव दें, Day 14 तक लिखित मंज़ूरी दें।
आपको मिलेगा: एक पन्ने का सार और पूरी रणनीति; हर सुझाव का जवाब।
3
Day 3–15

तैयारी Build

पेज, विज्ञापन खाता, SMS रजिस्ट्रेशन, डैशबोर्ड, मंज़ूर पोस्ट, पूरा अभ्यास।

आप: एक बैठक में शुरुआती पोस्ट-वीडियो मंज़ूर करें; फ़ोटो और लोगो दें।
आपको मिलेगा: Day 15 को लॉन्च प्लान; हर पेज पर आपका भी एडमिन।
4
Day 16 → E-30

प्रचार चालू Run

Day 16 लॉन्च, फिर हर सेवा तय रूटीन पर।

आप: हफ़्ते की फ़ैसला-बैठक में आएँ; हर महीने अगली योजना पर लिखित हाँ।
आपको मिलेगा: हर शुक्रवार एक पन्ने की रिपोर्ट, डैशबोर्ड, हर महीने समीक्षा।
5
E-30 → E-2

वोटर जुटाना Mobilise

हर बूथ पर ट्रेनिंग पाया प्रभारी; समर्थकों से घर-घर संपर्क।

आप: अपने वकील का नाम दें; पोलिंग एजेंट नियम से नियुक्त करें।
आपको मिलेगा: रोज़ शाम छोटी रिपोर्ट: कितने लोगों से संपर्क, क्या दिक़्क़त।
6
E-2 → E-day

मतदान दिवस Election Day

आख़िरी 48 घंटे प्रचार बंद; मतदान के दिन कंट्रोल रूम।

आप: फ़ोन पर उपलब्ध रहें; आपके वकील भी पूरे दिन।
आपको मिलेगा: दोपहर का छोटा नोट; गड़बड़ी के सबूत सीधे आपके वकील को।
7
E+1 → E+14

पूरा हिसाब Learn

बूथ-वार अनुमान बनाम असली नतीजा; क्या चला, क्या नहीं, क्यों।

आप: अंतिम रिपोर्ट पर लिखित हाँ; सौंपने के नोट पर दस्तख़त करें।
आपको मिलेगा: अंतिम रिपोर्ट; सारे अकाउंट और फ़ाइलें आपके नाम; डेटा का लिखित हिसाब।
पहले 15 दिन

15 दिन की तैयारी, सब काम साथ-साथ

गिनती तब शुरू, जब ज़रूरी लॉगिन और काग़ज़ मिल जाएँ। Day 16 से पहले कुछ पब्लिक नहीं। विज्ञापन खाते या SMS रजिस्ट्रेशन में देर हो, तो लॉन्च बैकअप प्लान से।

123456789101112131415
तालमेलपहली बैठक, Day 2 दस्तख़त
Day 1–2
Facebook विज्ञापन खाताक़रीब 7 दिन, कभी ज़्यादा
Day 1–7
SMS-कॉल रजिस्ट्रेशनDLT; लक्ष्य Day 12 तक
Day 2–12
ज़मीनी जाँचबूथ, सर्वे, विरोधी; Day 12 रिपोर्ट
Day 2–12
सेटअप और तैयारीपेज, डैशबोर्ड, कंटेंट, टीम ट्रेनिंग
Day 3–15
रणनीतिजाँच के नतीजों से लिखित प्लान
Day 8–14
बैठक और लिखित मंज़ूरीDay 12 बैठक, Day 14 हाँ
Day 12–14
अभ्यास और आख़िरी जाँचबिना छापे अभ्यास, लॉन्च का फ़ैसला
Day 13–15
Day 16: प्रचार शुरू, सब एक साथ
आपसे क्या चाहिए

पहले 15 दिन आपका हिस्सा

बस कुछ काग़ज़, कुछ फ़ैसले और कुछ घंटे। काग़ज़ या रणनीति की मंज़ूरी में देर हो, तो लॉन्च उतने ही दिन आगे।

  • लॉगिन और काग़ज़

    पहचान के काग़ज़, अधिकार-पत्र, पेजों की पहुँच, विज्ञापन भुगतान का तरीक़ा।

  • मंज़ूरी देने वाले

    हर तरह के काम पर हाँ कहने वाला, और उसका बैकअप।

  • Day 2 तक दस्तख़त

    लक्ष्मण रेखा सूची, कौन क्या मंज़ूर करेगा, काम का दायरा, डेटा सहमति।

  • आपकी जानकारी

    काम के सबूत, फ़ोटो, पुराने नतीजे, और नाज़ुक बातें खुलकर।

  • Day 12 की बैठक

    क़रीब डेढ़ घंटा; उम्मीदवार ख़ुद आएँ, सुझाव एक सूची में।

  • आपकी लिखित हाँ

    Day 13 तैयार पोस्ट-वीडियो पर हाँ-ना; Day 14 तक रणनीति पर।

हर हफ़्ते की रफ़्तार

हर हफ़्ता एक तय रूटीन पर

अचानक फ़ोन नहीं, आख़िरी समय की भागदौड़ नहीं। आपके दो तय पड़ाव: शुक्रवार की रिपोर्ट और फ़ैसला-बैठक, जिसका दिन आपके साथ तय होता है।

  1. सोम

    हफ़्ते की योजना

    पिछले आँकड़ों से इस हफ़्ते के ज़रूरी काम

  2. मंगल

    लिखना और बनाना

    पोस्ट, डिज़ाइन, वीडियो एडिट; हफ़्ते का प्रेस नोट

  3. बुध

    बीच की जाँच

    काम कहाँ अटका, विज्ञापन कैसे चल रहे

  4. गुरु

    क्वालिटी जाँच

    जो तय था, हुआ या नहीं; घर-घर संपर्क

  5. शुक्र

    आपकी रिपोर्ट

    एक पन्ने की आसान रिपोर्ट आपको

  6. शनि

    कार्यक्रम का दिन

    नुक्कड़ सभा, पदयात्रा; वीडियो उसी दिन

  7. रवि

    फ़ैसला-बैठक

    क़रीब आधा घंटा: हाँ, ना या बदलाव

हर हफ़्ता

हफ़्ते में एक बैठक, आपके फ़ैसले एक साथ

एक दिन पहले फ़ैसलों की छोटी सूची आती है: हर बात पर हमारी सलाह और आख़िरी तारीख़। बैठक में आप हाँ, ना या बदलाव कहते हैं। उसी दिन फ़ैसलों का लिखित नोट मिलता है।

सूची में सिर्फ़ वही बातें आती हैं, जो आपको ही तय करनी हैं: जोखिम वाले काम, आपकी ओर से बयान, नई पोस्ट का बैच, कार्यक्रमों की तारीख़ें। रोज़ की आम पोस्ट के लिए फ़ोन नहीं आता।

हफ़्ते की रिपोर्ट
क्या अच्छा हुआमुख्य आँकड़े: पहुँच, ख़बरें, संपर्क, विज्ञापन ख़र्च
किस पर ध्यान चाहिएकहाँ दिक़्क़त, और उसे ठीक करने की योजना
आपसे क्या चाहिएकौन-से फ़ैसले, किस तारीख़ तक
प्लान बनाम असली कामजो नहीं हुआ, उसका कारण भी लिखा
हर शुक्रवार, एक पन्ना, असली आँकड़े
आपकी मंज़ूरी

हर काम की मंज़ूरी, सही स्तर पर

रणनीति, आपकी ओर से बयान, आपके चेहरे या आवाज़ वाली चीज़ें और जोखिम वाला काम आपकी लिखित हाँ से। रोज़ की पोस्ट टीम और क्वालिटी जाँच से। चुप्पी “हाँ” नहीं।

  1. TIER 1

    रोज़ का काम

    मंज़ूर कैलेंडर की पोस्ट, त्योहार की बधाई, धन्यवाद

    टीम और क्वालिटी जाँच, रोज़ पूछे बिना
  2. TIER 2

    जनता के सामने

    प्रेस नोट, विज्ञापन, वीडियो, भाषण, लेख, पोस्टर

    पूरी जाँच; चेहरे, आवाज़, बयान पर आपकी हाँ
  3. TIER 3

    ज़्यादा जोखिम

    विरोधी को जवाब, नाज़ुक मुद्दे, नए दावे, बल्क-मैसेज

    पूरी जाँच, फिर आपकी लिखित मंज़ूरी
मंज़ूरी नहीं, तो पब्लिश नहीं
गुणवत्ता

हर चीज़ पर तीन जाँच, फिर ही बाहर

तीन अलग लोग, तीन अलग नज़रें। एक से छूटी ग़लती अगला पकड़ लेता है। जाँच में फ़ेल चीज़ रुकती है, जल्दी हो तब भी।

  1. 1

    बनाने वाला

    हर आँकड़े का सबूत लगाता है; अपना काम ख़ुद पास नहीं करता।

  2. 2

    सीनियर की जाँच

    वोटर की नज़र से पढ़कर सबूत मिलाता है; पास या वापस।

  3. 3

    अलग क्वालिटी जाँच

    तथ्य, मंज़ूरी और नियम जाँचती है; ग़लती हो तो रोक।

आख़िरी 30 दिन

समर्थन को वोट में बदलना

आमने-सामने की मुलाक़ात, पोस्ट और विज्ञापन से कहीं ज़्यादा लोगों को वोट डालने ले जाती है। इसलिए आख़िरी महीने में ज़ोर बूथ और निजी संपर्क पर। आपको रोज़ शाम रिपोर्ट।

  1. 1

    घर-घर निजी संपर्क

    शायद घर बैठने वाले समर्थकों से मिलना, फ़ोन करना।

    E-27 से
  2. 2

    अफ़वाह पर पहरा

    टीम हर समय तैयार; सबूत से जवाब, आपकी जल्दी लिखित हाँ से।

    E-20 से
  3. 3

    हर बूथ पर प्रभारी

    ट्रेनिंग-टेस्ट पास बूथ प्रभारी और एक बैकअप, सामान के साथ।

    E-15 तक
  4. 4

    कंट्रोल रूम अभ्यास

    पूरा अभ्यास, ताकि मतदान के दिन कुछ भी नया न हो।

    E-7 से
  5. 5

    प्रचार बंद, जाँच पूरी

    आख़िरी 48 घंटे से पहले हर पोस्ट, विज्ञापन, SMS बंद; लिखित जाँच।

    E-2
मतदान दिवस

शांत कंट्रोल रूम, हर बूथ पर नज़र

हर बूथ से हर घंटे वोटिंग का हाल। कम वोटिंग पर फ़ोन, क़ानून के दायरे में समर्थकों को याद। दोपहर में आपको छोटा नोट; गड़बड़ी के सबूत आपके वकील को।

बूथ: हर घंटे वोटिंगबूथ 38बूथ 45बूथ 52बूथ 59बूथ 66बूथ 73कंट्रोल रूमबूथों का रंगीन नक़्शादोपहर का हालज़रूरी सूचनाआप (उम्मीदवार)दोपहर में छोटा नोटकम वोटिंग पर तुरंत फ़ोनबूथ: हर घंटे वोटिंगबूथ 38बूथ 45बूथ 52बूथ 59बूथ 66बूथ 73कंट्रोल रूमबूथों का रंगीन नक़्शादोपहर का हालज़रूरी सूचनाआप (उम्मीदवार)दोपहर में छोटा नोट
चुनाव के बाद

पूरा हिसाब, और सब कुछ आपके नाम

नतीजे के बाद क़रीब दो हफ़्ते में पूरा हिसाब। अच्छा और कमज़ोर, दोनों ईमानदारी से लिखा जाता है। सब कुछ आपको सौंपा जाता है।

अंतिम रिपोर्ट

नतीजा बनाम अनुमान, क्या चला, क्या नहीं, आगे की सलाह; संस्थापक ख़ुद समझाते हैं।

सारे अकाउंट आपके नाम

पेज, YouTube, WhatsApp, वेबसाइट, विज्ञापन खाता; पासवर्ड बदले, हमारी पहुँच ख़त्म।

सारी फ़ाइलें और सामग्री

सारी पोस्ट-वीडियो, सबूत की फ़ाइलें और सारी रिपोर्टें आपको।

वोटर डेटा का हिसाब

सहमति के हिसाब से: आपको वापस, मिटाया, या सिर्फ़ बिना नाम के कुल आँकड़े।

मिटाने का प्रमाण-पत्र

क्या, कब, कैसे और किसने मिटाया, किसने जाँचा: सब लिखकर।

सौंपने का नोट

क्या-क्या सौंपा, सब लिखित; आप और हम दोनों दस्तख़त करते हैं।

नियम और भरोसा

छपने से पहले चार सवाल, हर बार

सच और सबूत? लक्ष्मण रेखा के अंदर? चुनाव और प्लेटफ़ॉर्म के नियम? सही मंज़ूरी? एक भी जवाब “नहीं” या “पता नहीं”, तो नहीं छपता।

आख़िरी 48 घंटे: प्रचार बंद

पोस्ट, विज्ञापन, SMS, कॉल, घर-घर प्रचार सब बंद; पहले से रोककर लिखित जाँच।

आचार संहिता का पालन

धर्म-जाति पर बाँटना, सरकारी गाड़ी, वोट के बदले पैसा: कभी नहीं। नियम आपके वकील से पक्के।

विरोधी पर सिर्फ़ तथ्य

उसका पब्लिक रिकॉर्ड और काम, सबूत के साथ; परिवार या निजी जीवन पर हमला नहीं।

SMS-कॉल सिर्फ़ सहमति से

DLT रजिस्ट्रेशन, सिर्फ़ सहमति वाले नंबर; ख़रीदे नंबर कभी नहीं, बंद कराने का आसान रास्ता।

असली लोग, असली अकाउंट

नक़ली ID, बॉट या किसी की नक़ल कभी नहीं; समर्थक अपने असली अकाउंट से।

वोटर डेटा की हिफ़ाज़त

इजाज़त से ही डेटा, उतना ही जितना काम में ज़रूरी; अंत में लौटाया या मिटाया।

सवाल-जवाब

सवाल-जवाब

हमारे काम करने के तरीके पर आम सवाल।

नहीं। सबूत साथ-साथ तैयार रहते हैं, इसलिए जाँच जल्दी होती है। ग़लत योजना पर पैसा लगने से पहले रुकना, छपी ग़लती सुधारने से कहीं सस्ता है।

नहीं। बार-बार होने वाले काम तकनीक से जल्दी होते हैं। पर फ़ैसले, सच की जाँच और लोगों से रिश्ते अनुभवी लोग ही सँभालते हैं।

आपको पब्लिक ग़लती से बचाने के लिए। बनाने वाले के बाद उसका सीनियर, फिर अलग क्वालिटी जाँच। जाँच में फ़ेल काम रुक जाता है। छपने से पहले पकड़ी ग़लती ही आपका बचाव है।

नहीं। शुरुआत में ही लिखकर तय होता है कि कौन-सा काम कौन मंज़ूर करेगा, और हर एक का बैकअप कौन होगा। इसलिए फ़ैसले अटकते नहीं।

नहीं। रोज़ का काम पहले से मंज़ूर पोस्ट-वीडियो से चलता रहता है। बाक़ी फ़ैसले हफ़्ते की तय बैठक में, या आपके बैकअप व्यक्ति से होते हैं। जोखिम वाला काम हाँ मिलने तक रुका रहता है।

हाँ। छोटे-बड़े हर अभियान में वही चरण चलते हैं। छोटे अभियान में हर क़दम हल्का होता है, पर कोई चरण छोड़ा नहीं जाता।

मुफ़्त सीट विश्लेषण

अपनी सीट के लिए पहला क़दम

फ़ॉर्म भरें — पहली बातचीत और सीट विश्लेषण मुफ़्त है। उसके बाद आप तय करें।

अपनी जानकारी भेजें

गोपनीय: आपकी जानकारी किसी से साझा नहीं होगी। बटन दबाते ही WhatsApp खुलेगा — बस “Send” दबाएँ।