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Content Marketing

आपकी बोली में सही बात, सबूत के साथ

सेवा • कंटेंट और संदेश

हर पोस्ट, भाषण और नारा — सही बात, आपकी बोली में, सही समय पर।

जब हर टीम अलग बात बोलती है, तो कोई संदेश लोगों के मन में नहीं बैठता। इसलिए आपकी मंज़ूर रणनीति से एक साफ़ कहानी और मुख्य संदेश तय होते हैं, और हर पोस्ट, भाषण और नारा उन्हीं से जुड़ता है।

हर आँकड़ा, नाम और दावा असली सबूत से मिलाया जाता है — सबूत नहीं, तो बात नहीं। हर शुक्रवार अगले हफ़्ते का विषय-प्लान बनता है, और जिन हमलों का अंदेशा है, उनके जवाब पहले से तैयार रहते हैं — आपकी लिखित मंज़ूरी के साथ।

स्टूडियो में प्रत्याशी का वीडियो शूट
क्यों ज़रूरी है

क्या आपके साथ भी यही हो रहा है?

“

पोस्ट तो डालते हैं, पर भाषा किताबी लगती है — लोग पढ़ते ही नहीं।

“

एक ग़लत आँकड़ा पूरे चुनाव में मेरे ख़िलाफ़ इस्तेमाल हो सकता है।

“

विरोधी हमला करता है, और मेरा जवाब बनने में दो-दो दिन लग जाते हैं।

⚠ यह न किया तो?

हर दिन अलग बात हो, तो कुछ याद नहीं रहता; और जवाब देर से जाए, तो लोग विरोधी की बात मान लेते हैं।

आपको क्या मिलेगा

इस सेवा में आपको यह सब मिलता है

एक साफ़ कहानी

आपके मुख्य संदेश तय — हर पोस्ट, भाषण और नारा इन्हीं से जुड़ा।

नारे से भाषण तक

नारे, पोस्ट, पोस्टर की लाइनें, वीडियो स्क्रिप्ट, भाषण — आसान हिंदी या इलाक़े की बोली में।

काम का रिपोर्ट कार्ड

आपके असली काम का हिसाब — असली आँकड़ों और सबूत के साथ।

हफ़्ते का कंटेंट प्लान

हर शुक्रवार अगले हफ़्ते का प्लान, त्योहार और मौक़े देखकर; मंज़ूर कंटेंट का भंडार भी।

हमलों के तैयार जवाब

जिन हमलों का अंदेशा है, उनके जवाब पहले से तैयार — आपकी लिखित मंज़ूरी के साथ।

हर दावे का सबूत

हर आँकड़े, नाम और दावे का सबूत रिकॉर्ड में — कोई चुनौती दे, तो जवाब तैयार।

काम कैसे होता है

क़दम-दर-क़दम — आसान भाषा में

आपके नाम से दिया गया बयान, आपकी आवाज़ वाली स्क्रिप्ट और हर संवेदनशील बात आपकी मंज़ूरी से। रोज़ का बाक़ी काम टीम और अलग क्वालिटी जाँच के बाद — मंज़ूरी नहीं, तो पोस्ट नहीं।

  1. 1

    हफ़्ते का विषय-प्लान

    हर दिन का एक विषय — त्योहार और स्थानीय मौक़े देखकर।

    हर शुक्रवार
  2. 2

    बोली में ड्राफ़्ट

    साफ़ निर्देश से, आसान हिंदी या बोली में; एक पोस्ट, एक बात।

    उसी दिन
  3. 3

    सबूत से जाँच

    हर आँकड़ा और दावा सबूत से; नाम, स्पेलिंग, मना शब्दों की जाँच।

    उसी दिन
  4. 4

    जोखिम देखकर मंज़ूरी

    आम पोस्ट टीम से; भाषण और हमले का जवाब आपकी मंज़ूरी से।

    अगले दिन तक
  5. 5

    महीने की समीक्षा

    जो कंटेंट अच्छा चला, वैसा और; कमज़ोर कंटेंट बंद।

    हर महीने
मंज़ूरी की सीढ़ी

किस काम पर किसकी मंज़ूरी

हर काम पर एक जैसी जाँच नहीं — जितना जोखिम, उतनी जाँच। ज़रूरी मंज़ूरी नहीं, तो पोस्ट नहीं।

  1. 1

    रोज़ की आम पोस्ट

    हमारी टीम मंज़ूर करती है — क्वालिटी जाँच के बाद।

    उसी दिन
  2. 2

    स्क्रिप्ट और रिपोर्ट कार्ड

    कई लोगों की जाँच; ज़रूरी आँकड़े दूसरा व्यक्ति दोबारा जाँचता है।

    अगले दिन तक
  3. 3

    भाषण और आपके बयान

    भाषण, आपके नाम से बयान, आपकी आवाज़ वाली स्क्रिप्ट: आपकी मंज़ूरी।

    अगले दिन तक
  4. 4

    सबसे ज़्यादा जोखिम

    हमले का जवाब, नाज़ुक मुद्दा, नया दावा: सिर्फ़ आपकी लिखित मंज़ूरी से।

  5. 5

    पहले से तैयार जवाब

    जवाब पर पहले से आपकी लिखित मंज़ूरी; भेजने से पहले ताज़ा जाँच।

    घंटों में
नैरेटिव

नैरेटिव (आपकी कहानी) ऐसे सेट होती है

चुनाव में वही जीतता है जिसकी कहानी लोग आपस में दोहराते हैं। वह कहानी अपने आप नहीं बनती — बनाई जाती है।

उँगली से बाएँ सरकाएँ — अगला क़दम देखें →
टैबलेट पर गाँव सर्वे
1

जनता से सुनना

पहले सर्वे से पता करते हैं कि लोग क्या सोचते और चाहते हैं।

2

एक साफ़ संदेश

आपकी कहानी 3 मुद्दों में — जैसे सड़क, पानी, रोज़गार।

गाँव की दीवार पर पोस्टर लगाते कार्यकर्ता
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हर जगह वही बात

पोस्टर, रील, भाषण, प्रेस नोट — सब एक ही बात, बार-बार।

चेतक वार रूम — सोशल मीडिया और फ़ील्ड पर नज़र
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हज़ारों जगह एक साथ

समर्थक पेज और ग्रुप उसी बात को एक साथ आगे बढ़ाते हैं।

कंटेंट

रोज़ का प्रचार कंटेंट — ऐसे बनता है

रोज़ नया पोस्टर, रील और वीडियो — पर बात हमेशा एक। ताकि लोगों को आपका संदेश याद रहे।

उँगली से बाएँ सरकाएँ — अगला क़दम देखें →
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एक मुख्य संदेश

आपकी पूरी बात 3 मुद्दों में — हर पोस्टर और भाषण इसी से निकलता है।

कंप्यूटर पर रोज़ का प्रचार प्लान
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रोज़ का प्लान

किस दिन क्या जाएगा — पोस्टर, रील, वीडियो — पहले से तय।

कंप्यूटर पर तैयार होते पोस्टर
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डिज़ाइन और मंज़ूरी

आम पोस्ट टीम मंज़ूर करती है। भाषण, हमले का जवाब, नाज़ुक मुद्दा, नया दावा: आपकी मंज़ूरी।

✔ नियम के अनुसार

जहाँ प्लेटफ़ॉर्म या क़ानून माँगे, वहाँ “AI से बना” लेबल। किसी का चेहरा या आवाज़ उसकी लिखित इजाज़त के बिना नहीं।

साथ मिलकर

काम कैसे चलेगा — आपकी तरफ़ से और हमारी तरफ़ से

काम की रफ़्तार

आपसे क्या चाहिए

आपको क्या दिखेगा

नियम और भरोसा

हर काम नियम के अंदर

चुनाव आयोग, प्लेटफ़ॉर्म और क़ानून के नियम — इनसे बाहर हम कुछ नहीं करते।

बिना सबूत कुछ नहीं

बिना सबूत कोई आँकड़ा या दावा नहीं। अफ़वाह या “लोग कहते हैं” सबूत नहीं माना जाता।

इज़्ज़त वाला लहजा

किसी समाज को ठेस पहुँचाने वाली बात नहीं; जवाब शांत और मज़बूत — मज़ाक या ग़ुस्सा नहीं।

“लाल रेखा” हर क़दम पर

जो बात कभी नहीं कहनी, वह कहीं नहीं जाती; विरोधी पर दावा सिर्फ़ आपकी लिखित मंज़ूरी से।

वीडियो

Content Marketing — 1 मिनट में समझिए

इस सेवा का छोटा वीडियो — हमारी टीम असल में काम कैसे करती है। वीडियो WhatsApp पर भी मँगवा सकते हैं।

सवाल-जवाब

सवाल-जवाब

कंटेंट और संदेश से जुड़े आम सवाल। आपका सवाल अलग है? सीधे WhatsApp पर पूछें।

AI सिर्फ़ पहला ढाँचा देता है। आख़िरी शब्द हमारा लेखक आपके इलाक़े की बोली में लिखता है, और हर आँकड़ा इंसान सबूत से जाँचता है। आँकड़े AI से नहीं लिए जाते।

हाँ। हम आसान हिंदी और इलाक़े की बोली में लिखते हैं — बाज़ार में बोले जाने वाले शब्द, सरकारी नोटिस वाले नहीं। हर लाइन ज़ोर से पढ़कर जाँचते हैं।

हर आँकड़े का सबूत रिकॉर्ड में रहता है; बिना सबूत कोई आँकड़ा नहीं जाता। फिर भी ग़लती दिखे तो तुरंत हटाते हैं; ज़्यादा फैली हो तो सबके सामने सुधारते हैं।

जिन हमलों का अंदेशा है, उनके जवाब पहले से तैयार रहते हैं, आपकी लिखित मंज़ूरी के साथ। बस ताज़ा तथ्य जाँचकर जवाब दिनों में नहीं, कुछ घंटों में जा सकता है।

रोज़ की आम पोस्ट हमारी टीम जाँचकर मंज़ूर करती है। भाषण, आपके नाम से बयान और आपकी आवाज़ वाली स्क्रिप्ट आप मंज़ूर करते हैं। हमले का जवाब, नाज़ुक मुद्दा या नया दावा — सिर्फ़ आपकी लिखित मंज़ूरी से।

शुरुआत करें

कंटेंट और संदेश — अपनी सीट के लिए बात करें

फ़ॉर्म भरें — हमारी टीम आपकी सीट समझकर WhatsApp पर संपर्क करेगी। पहली बातचीत और सीट विश्लेषण मुफ़्त है।

अपनी जानकारी भेजें

गोपनीय: आपकी जानकारी किसी से साझा नहीं होगी। बटन दबाते ही WhatsApp खुलेगा — बस “Send” दबाएँ।