
मेहनत वहाँ होनी चाहिए, जहाँ वोट बदल सकते हैं। हम पिछले 3 चुनावों के बूथ-वार नतीजे, वोटर सूची, जनता की राय का सर्वे और ज़मीनी जानकारी जोड़कर बताते हैं कि आपके वोट कहाँ हैं और जीत के लिए कितने चाहिए।
वोट का अनुमान एक पक्के नंबर में नहीं, तीन हालात में मिलता है: सबसे अच्छा, सबसे मुमकिन और सबसे बुरा, हर एक के चांस के साथ। मुक़ाबला क़रीबी हो, तो हम साफ़ बताते हैं। हर महीने यह ताज़ा होता है।
हिसाब न हो, तो मेहनत वहाँ होती है जहाँ वोट पहले से पक्के हैं, और बदल सकने वाले वोट विरोधी ले जाता है।
हर बूथ की पूरी जानकारी एक जगह: गाँव, वोटर, पुराने नतीजे, मुद्दे, बूथ प्रभारी।
जनता की राय का सर्वे और गाँव-गाँव ज़मीनी सर्वे, बीच-बीच में दोबारा भी।
सबसे अच्छा, सबसे मुमकिन और सबसे बुरा हाल, हर एक का चांस; हर महीने ताज़ा।
जीत के लिए कितने वोट चाहिए, इसकी साफ़ गिनती; सुरक्षा के लिए उससे बड़ा लक्ष्य।
पक्के समर्थक, घर बैठने वाले समर्थक, अभी तय न करने वाले; असरदार बूथ नक़्शे पर।
मतदान के दिन हर घंटे का हाल; जहाँ मतदान कम, वहाँ समय रहते काम।
आपके नाम से दिया गया बयान, आपकी आवाज़ वाली स्क्रिप्ट और हर संवेदनशील बात आपकी मंज़ूरी से। रोज़ का बाक़ी काम टीम और अलग क्वालिटी जाँच के बाद — मंज़ूरी नहीं, तो पोस्ट नहीं।
वोटर डेटा पर कोई भी काम आपकी लिखित सहमति के बाद ही।
सबसे पहलेपिछले 3 चुनावों के बूथ-वार नतीजे, वोटर सूची, सर्वे और ज़मीनी जानकारी।
शुरुआत मेंतीन हालात, हर एक का चांस, और जीत के लिए ज़रूरी वोट।
हर महीने नयावोटर समूह गिने जाते हैं; असरदार बूथ नक़्शे पर, मेहनत वहीं।
हर घंटे मतदान पर नज़र, कमज़ोर बूथ पर समय रहते काम।
मतदान का दिनदो सवाल: क्या वोटर आपके पक्ष में है? क्या वह वोट डालने जाएगा? इसी से तय होता है कि समय और पैसा कहाँ लगे।
वोट डालते हैं, पर मन पक्का नहीं; उनके मुद्दों पर बात।
साथ हैं और वोट भी डालते हैं; धन्यवाद कहें, काम में जोड़ें।
न साथ, न वोट की उम्मीद; इन पर ख़र्च या दबाव नहीं।
साथ हैं, पर अक्सर वोट नहीं डालते; मिलना और वोट की याद।
सर्वे के नतीजे सिर्फ़ आपके लिए। बाहर कोई भी आँकड़ा आपकी लिखित मंज़ूरी के बिना नहीं जाता।
समर्थक वही बताते हैं जो आप सुनना चाहते हैं। सर्वे वह बताता है जो जनता सच में सोचती है।
ट्रेनिंग पाई टीम घर-घर जाकर छोटे, निष्पक्ष सवाल पूछती है, इजाज़त लेकर।
कम समय में ज़्यादा लोगों की राय फ़ोन से।
मज़बूत, बीच के और कमज़ोर बूथों की तुलना; हर नतीजा दायरे के साथ।
सर्वे के नतीजे सिर्फ़ आपकी रणनीति के लिए। बाहर कोई आँकड़ा आपकी लिखित मंज़ूरी और वकील की सलाह के बिना नहीं जाता।
पक्के समर्थक और पक्के विरोधी — दोनों तय हैं। जीत-हार अक्सर उन वोटरों से तय होती है जो अभी सोच रहे हैं, और उन समर्थकों से जो वोट डालने नहीं जाते।
पिछले नतीजे और सर्वे से — कौन-से बूथ और परिवार अभी तय नहीं।
उनकी नाराज़गी और ज़रूरत क्या है — सीधे उनसे पूछकर।
उनके मुद्दे पर वीडियो — सिर्फ़ उन्हीं के इलाक़े में।
गाँव का जाना-पहचाना व्यक्ति मिलने जाता है।
जो साथ आ जाएँ, उन्हें मतदान से पहले बूथ नंबर और समय की याद।
चुनाव आयोग, प्लेटफ़ॉर्म और क़ानून के नियम — इनसे बाहर हम कुछ नहीं करते।
लिखित सहमति के बाद ही काम। डेटा सुरक्षित, सिर्फ़ ज़रूरत वाले देखें, बाहर किसी को नहीं।
हर तरह के बूथ शामिल, सिर्फ़ अपने पक्ष वाले नहीं; हर हिसाब दूसरा व्यक्ति दोबारा जाँचता है।
क़रीबी मुक़ाबले को “बढ़त” नहीं बताते। अनुमान “इतने से इतने” के दायरे में, ग़लती की गुंजाइश के साथ।
इस सेवा का छोटा वीडियो — हमारी टीम असल में काम कैसे करती है। वीडियो WhatsApp पर भी मँगवा सकते हैं।
जीत का हिसाब से जुड़े आम सवाल। आपका सवाल अलग है? सीधे WhatsApp पर पूछें।
पिछले 3 चुनावों के बूथ-वार नतीजे, वोटर सूची, ताज़ा सर्वे और ज़मीनी जानकारी जोड़कर। अंदाज़े से नहीं, असली आँकड़ों से। सुरक्षा के लिए लक्ष्य उससे बड़ा रखते हैं।
नहीं, कोई पक्का नंबर नहीं। हम तीन हालात बताते हैं: अच्छा, मुमकिन और बुरा, हर एक के चांस के साथ। मुक़ाबला क़रीबी हो, तो साफ़ बताते हैं। पक्का नंबर झूठा भरोसा देता है।
वे थोड़े से बूथ, जहाँ ज़्यादातर बदल सकने वाले वोट हैं: घर बैठने वाले समर्थक और अभी तय न करने वाले वोटर। टीम वहीं ज़्यादा मेहनत करती है।
शुरू में एक पूरा सर्वे, फिर बीच-बीच में उन्हीं सवालों से छोटे सर्वे, और मतदान से लगभग 20 दिन पहले एक बड़ा सर्वे। हर बार जवाबों की दोबारा जाँच होती है।
हाँ। आपकी लिखित सहमति के बाद ही काम शुरू होता है। डेटा सुरक्षित जगह रहता है, सिर्फ़ ज़रूरत वाले लोग देखते हैं, बाहर किसी को नहीं जाता। कोई आँकड़ा बाहर छपे, तो आपकी लिखित मंज़ूरी से ही।
फ़ॉर्म भरें — हमारी टीम आपकी सीट समझकर WhatsApp पर संपर्क करेगी। पहली बातचीत और सीट विश्लेषण मुफ़्त है।
चेतक PR कंसल्टेंसी — उत्तर प्रदेश के विधानसभा और ज़िला पंचायत प्रत्याशियों के लिए चुनावी रणनीति, प्रचार और पॉलिटिकल PR। हर बूथ तक, आपकी जीत तक।
चुनाव की तैयारी पर बात करनी है? WhatsApp करें — हमारी टीम सुबह 9 से रात 8 बजे के बीच 1–2 घंटे में जवाब देती है।
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