
ज़िला पंचायत, BDC या प्रधान — कम बजट में गाँव-गाँव तक पहचान।
पंचायत चुनाव में क्षेत्र छोटा पर संपर्क गहरा होता है। तय पैक, तय काम — ताकि बजट में रहकर हर गाँव तक पहुँचें।
आरक्षण घोषित होते ही दौड़ शुरू होती है — जिसकी तैयारी पहले से हो, वही सबसे आगे निकलता है।
रणनीति आपकी लिखित मंज़ूरी से, हर हफ़्ते की रिपोर्ट के साथ।
पोस्टर, WhatsApp कंटेंट और परिचय वीडियो।
बेसिक + डोर-टू-डोर टीम और नुक्कड़ सभा।
स्टैंडर्ड + सर्वे और मतदान दिवस की बूथ तैयारी।
आरक्षण तय होते ही 48 घंटे में काम शुरू।
न कोई ऐप सीखना, न कोई झंझट। आपके कार्यकर्ता गाँव-गाँव के लोगों को जोड़ते हैं और रोज़ आपकी बात उन तक पहुँचती है।
बूथ के कार्यकर्ता गाँव के लोगों से पूछकर उन्हें समर्थक ग्रुप में जोड़ते हैं।
हर बूथ का अपना ग्रुप — सभा की ख़बर, वीडियो और काम की जानकारी।
आपके नाम का WhatsApp चैनल — जुड़ने वाला हर व्यक्ति रोज़ आपकी बात देखता है।
अच्छा वीडियो लोग ख़ुद परिवार और गाँव के ग्रुप में भेजते हैं — बिना किसी ख़र्च के।
सिर्फ़ सहमति वाले नंबर। अनजान नंबरों पर ऑटोमैटिक बल्क मैसेज नहीं — इससे नंबर बंद हो जाते हैं।
ख़बरों के मुताबिक़ UP में पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव के बाद होने की संभावना है। सीट और आरक्षण घोषित होते ही काम शुरू करने के लिए पहले से बात कर लेना अच्छा है।
पैक की क़ीमत गाँवों की संख्या और काम के हिसाब से तय होती है। बातचीत के बाद लिखित प्रस्ताव मिलता है।
हाँ। ज़िला पंचायत सदस्य, BDC और प्रधान — तीनों के लिए अलग पैक।
फ़ॉर्म भरें — 48 घंटे के अंदर आपकी सीट की एक छोटी रिपोर्ट WhatsApp पर मिलेगी। कोई शुल्क नहीं, कोई बाध्यता नहीं।
चेतक PR कंसल्टेंसी — उत्तर प्रदेश के विधानसभा और ज़िला पंचायत प्रत्याशियों के लिए चुनावी रणनीति, प्रचार और पॉलिटिकल PR। हर बूथ तक, आपकी जीत तक।
चुनाव की तैयारी पर बात करनी है? WhatsApp करें — हमारी टीम सुबह 9 से रात 8 बजे के बीच 1–2 घंटे में जवाब देती है।
Copyright © 2026 Chetak PR & Consultancy. All Rights Reserved.